जिस रात एक प्रकाश ने अंधकार मिटा दिया… वही थे गुरु नानकदेव
Nov 05, 2025By rksharma
पूरी सृष्टि जैसे एक नई रौशनी में नहा रही है…क्योंकि ये दिन है — प्रकाश का, सत्य का, और करुणा का। आज का दिन — गुरु नानक देव जी के अवतरण का। वो जिन्होंने सिखाया… कि ईश्वर किसी एक मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे में नहीं, बल्कि हर उस दिल में बसता है… जिसमें प्रेम है, सच्चाई है, और इंसानियत है। उन्होंने कहा — “ना कोई हिंदू, ना कोई मुसलमान… इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है।” उनका हर शब्द, हर उपदेश… अंधेरे में दीया बनकर आज भी जलता है। गुरु नानक जी ने हमें यह समझाया कि भक्ति केवल पूजा में नहीं…बल्कि सेवा में है, मुस्कान में है, और हर अच्छे कर्म में है। जब हम दीये जलाएं, तो सिर्फ घर नहीं, अपने मन के भीतर भी वो रौशनी जलाएं — जो नफरत को मिटाकर, प्रेम का मार्ग दिखाए। गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व… सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि याद दिलाने का दिन है — कि सच्ची रौशनी बाहर नहीं, हमारे भीतर है। वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह।
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